19/7/10

इश्क से बचता हूँ मैं ...

तनहाई से डरता हूँ मैं तुझे याद करता हूँ मैं
टूटे ना दिल फिर कहीं इश्क से बचता हूँ मैं  
...भरत १९/७/२०१० 
दाखिल होता था बेदस्तक जिन मकानों में 
आज उन गलियाँ में भी जाने से डरता हूँ मैं

...भरत ३/०९/२०१० 


Tanhai se darta hoon main
tujhe yaad karta hoon main...
ttite na dil phir kahin
ishq se bach'ta hoon main
... Bharat Tiwari 19/7/2010



2 टिप्‍पणियां:

  1. तनहाई से डरता हूँ मैं तुझे याद करता हूँ मैं
    टूटे ना दिल फिर कहीं इश्क से बचता हूँ मैं बहुत सुन्दर भाई जी !!

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