2/9/10

गुनाहों की तलाश

निकला हूँ गुनाहों,

मैं आज तेरी तलाश में …

तमाम पत्थर भी आये है,

मेरी तलाश में …

 

जिसे कभी कहीं,

देखा ना सुना आज तक…

खबर है आज-कल,

वो हैं मेरी तलाश में…

….

भरत २/९/२०१० १५:००

 

Nikla hoo’n gunaho’n,

main aaj teri talaash mai’n…

tamam pathar bhi aaye hain,

meri talaash mein

 

jise kabhi kahin,

dekha na suna aaj tak…

khabar hai aaj-kal

wo hain meri talash mai’n

bharat tiwari 2/9/2010 15:00

 

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