26/9/10

jeene ki wajah talash raha hoon main / जीने की वज़ह तलाश रहा हूँ मैं

Bharat Tiwari Dastakkar Writer, Lyrics, Lyricist

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जीने की वज़ह तलाश रहा हूँ मैं

तेरी आँखों में तभी तो देख रहा हूँ मैं

 

एक सियाह रात सा दिल

चिराग तुझ से कर रहा हूँ मैं

 

तमन्ना को लगे हैं पंख नये

देख, छत उसकी जा रहा हूँ मैं

 

तूफानों से दोस्ती है बहुत पुरानी

जुल्फ-ए-यार के साये में रहा हूँ मैं

 

‘भरत ‘ सुबहों के वो उजाले गए कहाँ

बाम का सूना नशेमन देख रहा हूँ मैं

 

भरत तिवारी

 

 

jeene ki wajah talash raha hoon main

teri aankhon men tabhi to dekh raha hoon main

 

ek siyah raat sa dil

chiraag tujh se kar raha hoon main

 

tamanna ko lage hain pankh naye

dekh, chhat usski ja raha hoon main

 

toofanon se dosti hai bahut purani

zulf-e-yaar ke saaye men raha hoon main

 

‘bharat ‘ subahon ke wo ujaale gaye kahan

baam ka soona nasheman dekh raha hoon main

with love Bharat Tiwari…

2 टिप्‍पणियां:

  1. जीने की वज़ह तलाश रहा हूँ मैं

    तेरी आँखों में तभी तो देख रहा हूँ मैं
    BAHUT SUNDAR JI !!!!!!!!!!!!!!!

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