1/10/10

अब ना ज्यादा सोंचो / Ab na jyada soncho

अब ना ज्यादा सोंचो
के अब चैन से जी लो...
हवा का मिजाज़ है खुश
सुबह के परिंदों से जी लो ...
गयी वो जागती रातें
चादर तान के सो लो ...
है मोहल्ला ये तुम्हारा ही
पड़ोसी से भी जा मिल लो..
तुम्हे सुबह सजानी है
चाय कड़क सी एक पी लो ..
भरत है आज खुश मालिक
जो जी चाहे आज ले लो ...

भरत ७:४५ १/१०/२०१०

Ab na jyada soncho
Ke ab
Chain se jee lo...

Hawa ka mizaaz hai khush
Subah ke parindon se jee lo ...

Gayi wo jaagti raaten
Chaadar taan ke so lo ...

Hai mohalla
Ye tumhara hii
Padosi se bhi ja mil lo..

Tumhe subah sajaani hai 
Chaay kadak si ek pi lo  .. 

Bharat hai aaj khush malik
Jo ji chahe
Aaj le lo ..

Bharat Tiwari
7:45 1/10/2010

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