8/12/10

मेरा किनारा

‎~~~
तुम्हे मैं अँधेरे में
देख लेता हूँ


वहाँ भी
जहाँ खुद को भी नहीं


अहसास तुम्हारा
अन्दर समा गया है


आँखें तुम्हारी बोलती हैं
बंद हों तो भी


तुम...
तुम मेरा किनारा हो
मेरा खोया हुआ मैं


भरत तिवारी ८/१२/२०१० नई दिल्ली

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