3/1/11

ये जो जी रहे हो

Ye jo ji rahe ho
Bas ye hi ji rahe ho…


Khol do bandhan
Kyon yon mar rahe ho…


Kab raat nahin aati
ke yon dar gaye ho…


subah bhi aayegi
kyon so rahe ho … Bharat


ये जो जी रहे हो
बस ये ही जी रहे हो...




खोल दो बंधन
क्यों यों मर रहे हो...


कब रात नहीं आती
के यों डर गए हो ...


सुबह भी आयेगी
क्यों सो रहे हो ... भरत

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