19/1/11

Tera Shukriya / तेरा शुक्रिया . . .

Tera Shukriya

 


क्या है ,के बेवजह खून बहा जाते हैं, ये मुर्दे...
क्या तू जगा रहा है हम नींद में डूबों को...
क्या तूने ठानी है के अबके खुद ना आयेगा..
क्या तूने अजमाइश में रखा है अपने बन्दों को...

तेरे जहान में होली ये खून की भला क्यों कर...
तेरे मासूम बच्चों को लावारिशी भला क्यों कर...
तेरे घर में मेरे घर में ये खौफ भला क्यों कर...
तेरे दरख्त से साया तेरा ही दूर भला क्यों कर...
क्या तू उड़ने देगा ना आज़ाद, अपने ही परिंदों को...

तय किया तुने,ये है वक्त अजमाइश का...
तय किया मैंने भी दफ्न मुर्दों को करने का...
तय किया अश्क-ए-अत्फाल बहने ना देने का...
तय है दिखा दूंगा तेरा जलवा इस ज़माने को...
क्या ही सोने दूंगा अब,
ज़माने के बेफिक्र-ओ-अनजानों को...

ये जानता हूँ तू ही सिखा रहा है मुझे...
ये ताकत-ए-कलम तुने ही दी है मुझे...
ये अलग बात दिखता नहीं तू है मुझे...
ये जंग तू लड़ेगा,और जितायेगा मुझे...
ये तेरा ही करम के भरम नहीं है मुझे...

तेरा शुक्रिया के निगाह दी...
तुने अपने जहान में पनाह दी...
की अता ‘भरत’ को ताकतें...
और दिमाग को सही राह दी.
......भरत ५/.७/२०१०

फेसबुक पर ...

Kya Hai, Ke Be’wajah Khoon Baha Dete Hain, Ye Murde…
Kya Tu Jaga Raha Hai Hum Neend Me Doobon Ko…
Kya Tu’ne Thani Hai Ke Abke Khud Na Aayega…
Kya Tu’ne Aajmaaish Me Rakha Hai Apne Bandon Ko…

Tere Jahan Me Holi Ye Khoon Ki Bhala Kyon Kar…
Tere Masoom Bach’hon Ko Lawarishi Bhala Kyon Kar…
Tere Ghar Me Mere Ghar Me Ye Khouf Bhala Kyon Kar…
Tere Dar’kh’t Se Saya Tera Hi Door Bhala Kyon Kar…
Kya Tu Udd’ne Dega Naa Aazad, Apne Hi Parindon Ko…

Tai Kiya Tuune, Ye Waqt Ajmaaish Ka…
Tai Kiya Maine Bhi Dafn Murdon Ko Karne Ka…
Tai Kiya Ashk-e-Atfaal Bahne Naa Dene Ka…
Kya Hii Sone Doonga Ab,
Jamane Ke Be’fikr-o-Anjaano Ko..
Ye Jaanta Hoon Tu Hi Sikha Raha Hai Mujhe…
Ye Taqat-e-Kalam Tuune Hi Di Hai Mujhe…
Ye Alag Baat Dikh’ta Nahin Tuu Hai Mujhe…
Ye Jang Tu Ladega Aur Jita’ye’ga Mujhe…
Ye Tera Hi Karam Ke Bharam Nahin Hai Mujhe…

Tera Shukriya Ke Nigah Dii…
Tune Apne Jahan Me Panah Di…
Ki Ata ‘Bharat’ Ko Taaqat’en…
Aur Dimaag Ko Sahi Rah Di

…. Bharat 5/6/2010

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1 टिप्पणी:

  1. बहुत ही भावुक , बहुत ही मार्मिक रचना .. मन भर आया ...
    आपकी लेखिनी को सलाम भारत जी ..

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