29/5/11

Aalam Ka sarkaar / आलम का सरकार

तू नज़र आया बन्दों की आँखों में

तू नज़र आया बंद आँखों से 

तू नज़र आया पहाड़ों में

तू नज़र आया पहाड़ों से 

तू रहमत का है दरिया

तू दरिया की है रहमत

तू बनाये दरवेशों को

तू बन के आये दरवेश

तू बन्दों का है मालिक 

तू मालिक का है मालिक 

तू जुबान पे कुरान 

तू कुरान की जुबान

तू खोले दरवाज़ों को

तू बन जाए दरवाज़ा

तू रहमत का फ़रिश्ता

तू फरिश्तों की है रहमत

तू आब की है आब

तू ताब की है ताब

तू आलम का सरकार

तू राज़-ए-दस्तकार

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Tu nazar aaya bandon ki aankhon me

Tu nazar aaya bandh aankhon se 

Tu nazar aaya pahadon me

Tu nazar aaya pahadon se 

Tu rahmat Ka hai dariya

Tu dariya ki hai rahmat

Tu banaye darvesheshon ko

Tu ban ke aaye darvesh

Tu bandon Ka hai Malik 

Tu Malik Ka hai Malik 

Tu zuban pe Quran 

Tu Quran ki zuban

Tu khole darwazon ko

Tu ban jaaye darwaaza

Tu rahmat Ka farishta

Tu farishton ki hai rahmat

Tu aab ki hai aab

Tu taab ki hai taab

Tu aalam Ka sarkaar

Tu raaz-e-dastakaar

(C) Bharat Tiwari (All rights reserved)


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