7/6/11

Parinda-e-man tu udd ke aaj ibda* ban jaParinda-e-man tu udd ke aaj ibda* ban ja / परिंदा-ए-मन तू उड़ के आज इब्दा बन जा

परिंदा-ए-मन तू उड़ के आज इब्दा बन जा
उस के दिल मे उतर उसका पसंदीदा बन जा …
Parinda-e-man tu udd ke aaj ibda* ban ja  
Us’ke dil me utar uska pasan’dida ban ja …  

5 टिप्‍पणियां:

  1. ''बना कर अगन तू इस लगन को अपने मन की
    जो पर्दानशी है उसका पर्दा बन जा'' .............भरत जी ......बहुत-बहुत गहरा और खूबसूरत एहसास !!!!

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  2. man ke parinde ko khule aasman main udne ka rasta dekha diya.....so devineeee

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  3. mann ke parnde ko khule aasman main udne ka raasta dikha diya.....very devineeeeee

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