2/7/11

कहीं बोल ना पड़ें वो पुराने कैसेट kahin bol na paden vo purane cassette

चलो मुस्कुराते हैं आज चल के कहीं
फिर थोड़ा जी लेते हैं आज चल के कहीं
मेरी अलमारी मे रखी हैं तस्वीरें हमारी
मुझमे हिम्मत कहाँ देखूँ अकेले वो सारी
आप आ जायें तो पहले का जज़्बा जागे
उन सूखे फूलों की किस्मत भी जागे
कहीं बोल ना पड़ें वो पुराने कैसेट
कहीं ज़िंदा ना हो जायें किताबों मे गुलाब
आप आयें तो मुमकिन है ये सब होगा
आप के आने से बड़के भला क्या होगा....


chalo muskurate hain aaj chal ke kahin
fir thoda ji lete hain aaj chal ke kahin
meri alamari me rakhi hain tasveeren hamari
mujh'me himmat kahan dekhoon akele vo saari
aap aa jaayen to pahle ka jazaba jaage
un sookhe foolon ki kismat bhi jaage
kahin bol na paden vo purane cassette
kahin zinda na ho jaayen kitabon me gulaab
aap aayen to mumkin hai ye sab hoga
aap ke aane se bad'ke bhala kya hoga....

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