6/11/11

रोमियो और जूलियट Romeo aur Juliet

romeo aur juliet
सुनो  ! 
एक मिनट के लिए आ जाओ 
इन बाहों में 
और 
करो महसूस 
प्यार की नर्म मुलायम छाँव को ...
और 
तुम जो कहते हो “क्या है ?”
उसका जवाब महसूस करो

जो निर्मलता कोमलता
मिलती है “इस” छाँव में 
यह ही प्यार है !!!

पार नहीं करना है 
कोई आग का दरिया 
ना ही बनना है 
मीरा
कहानी भी नहीं बनेगी कोई...
लेकिन सुनो ... !
तुमको ! पहले आना पड़ेगा ...
सादर भरत तिवारी
romeo aur juliet roman
with regards Bharat Tiwari

4 टिप्‍पणियां:

  1. सही कहा आपने आना तो पड़ेगा तभी महसूस होगा मुहब्बत क्या हैं

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  2. निसंदेह ..दोनों ही रचनाएं बेहद खूबसूरत हैं और एक ही तरह के जज़्बात बयान कर रही हैं .. अलग अलग स्तर पर ...
    शुक्रिया भरत , इससे रूबरू करवाने के लिए और प्राणेश जी एक और बेहतर रचना से रूबरू करवाने करवाने के लिए ..

    उत्तर देंहटाएं

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